तेहरान, 26 मई 2026। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका और उसके सहयोगी खाड़ी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब पहले की तरह सुरक्षित नहीं रहेंगे और क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
मुज्तबा खामेनेई ने यह बयान अपने टेलीग्राम चैनल के जरिए जारी किया। उन्होंने हालिया क्षेत्रीय संघर्ष को “इस्लामिक रेजिस्टेंस की जीत” बताते हुए कहा कि इजराइल अपने “बुरे अंत” की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल दोनों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “अमेरिका मुर्दाबाद” और “इजराइल मुर्दाबाद” अब इस्लामी दुनिया की साझा आवाज बन चुके हैं।
ईरानी नेता ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि इस्लामी राष्ट्रों को अपने मतभेद भुलाकर साझा रणनीति तैयार करनी चाहिए। उनके अनुसार, क्षेत्रीय ताकतों को ऐसा ढांचा विकसित करना होगा जो बाहरी हस्तक्षेप को सीमित करे और मुस्लिम देशों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
अपने संदेश में उन्होंने ईरानी हज यात्रियों से भी आह्वान किया कि वे मक्का पहुंचने वाले मुसलमानों के बीच ईरान की “प्रतिरोध शक्ति” और “जीत” का संदेश फैलाएं। ईरान लंबे समय से खुद को पश्चिमी ताकतों के खिलाफ इस्लामी प्रतिरोध के प्रमुख केंद्र के रूप में पेश करता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान घरेलू समर्थन मजबूत करने और क्षेत्रीय प्रभाव बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब Doha में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है। दोनों देश पिछले कई महीनों से युद्धविराम को स्थायी रूप देने और परमाणु मुद्दों पर नई सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि किसी व्यापक समझौते तक पहुंचना अभी आसान नहीं होगा।
सूत्रों के मुताबिक वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, प्रतिबंधों में ढील, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कई मामलों में प्रगति के बावजूद संवेदनशील मुद्दों पर मतभेद कायम हैं।
खामेनेई का बयान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कुछ घंटों बाद आया। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और Strait of Hormuz के पास उन मिसाइल ठिकानों और नौकाओं को निशाना बनाने का दावा किया, जो कथित रूप से समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रही थीं। अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों से वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। इस सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई को 8 मार्च 2026 को ईरान का सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था। पद संभालने के बाद से वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बहुत कम दिखाई दिए हैं और अब तक मुख्य रूप से लिखित संदेशों के जरिए ही अपनी बात रखते रहे हैं। हालिया संघर्ष के दौरान उनके घायल होने की खबरों के बाद उनकी सेहत को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि ईरानी प्रशासन ने किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के बावजूद हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरानी नेतृत्व के आक्रामक बयानों ने यह साफ संकेत दिया है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य, अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियां वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
