पीएम मोदी ने सचिवों के साथ की हाई लेवल बैठक, बोले- नीतियों के केंद्र में हो आम नागरिक; आत्मनिर्भर तकनीक पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने आवास पर विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, उद्योग और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने अधिकारियों को आपसी तालमेल, तकनीकी आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।

नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 (यूएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने आवास पर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में चल रहे कार्यों, आर्थिक विकास, तकनीकी क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मंत्रालय और विभाग अलग-अलग इकाइयों की तरह नहीं, बल्कि एक साझा लक्ष्य और टीम भावना के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति और निर्णय का केंद्र देश का आम नागरिक होना चाहिए। नीतियां बनाते समय जनता की जरूरतों, अपेक्षाओं और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

तकनीकी आत्मनिर्भरता पर पीएम का जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीक विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से देश की घरेलू तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत को अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार को लगातार बढ़ाना होगा।

ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय

बैठक में ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और नागरिकों के कल्याण से है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में नए विकल्पों, नवाचार और क्षमता विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

पीएम मोदी ने कहा कि सुधार केवल एक नारा नहीं, बल्कि सुशासन की निरंतर प्रक्रिया है। सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कार्य संस्कृति में सुधार और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जाना चाहिए।

साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने डिजिटल भारत के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों से उभरते साइबर खतरों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा को मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्टार्टअप की भागीदारी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि इस क्षेत्र को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सके।

युवाओं के कौशल विकास पर फोकस

प्रधानमंत्री ने उद्योगों की भागीदारी से ऐसे नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करने पर जोर दिया, जो भविष्य की जरूरतों और उभरते उद्योगों के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रदान कर सकें। उन्होंने कहा कि रोजगार और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार जरूरी है।

उन्होंने रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों का समय रहते सही तथ्यों के साथ जवाब देने की आवश्यकता भी बताई।

बैठक के अंत में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Share this newsWhatsAppFacebookX

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *