लखनऊ, 28 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कल्पनाथ राय की स्मृतियों को स्थायी सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर मऊ जनपद के घोसी क्षेत्र स्थित सरायसादी गांव में वर्ष 1992 में स्थापित देश के शुरुआती 100 किलोवाट ऑफ-ग्रिड सोलर प्लांट के पुनर्जीवन और आधुनिकीकरण की योजना की घोषणा की है। इसके तहत इस ऐतिहासिक सोलर प्लांट को अत्याधुनिक 5 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि लगभग 25 वर्षों से बंद पड़े इस सोलर प्लांट को आधुनिक तकनीक से पुनर्स्थापित कर इसकी क्षमता करीब 50 गुना बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही इस परियोजना का नामकरण स्वर्गीय कल्पनाथ राय के नाम पर करने तथा परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कल्पनाथ राय ने ऊर्जा क्षेत्र में दूरदर्शी सोच के साथ जिस सौर परियोजना की शुरुआत कराई थी, उसे आज के दौर की आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित करना उनकी स्मृतियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह पहल प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा विरासत के संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई परियोजनाएं लागू कर रही है। ऐसे में सरायसादी स्थित ऐतिहासिक सोलर प्लांट का पुनर्जीवन न केवल प्रदेश की ऊर्जा क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि इसे हरित ऊर्जा के एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में भी स्थापित करेगा।
सरकार का मानना है कि प्रस्तावित 5 मेगावाट सौर ऊर्जा पार्क क्षेत्रीय विकास, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह परियोजना ऊर्जा क्षेत्र में स्वर्गीय कल्पनाथ राय के योगदान को स्थायी पहचान देने का माध्यम भी बनेगी।