योगी का विपक्ष और माफियाओं पर हमला, बोले- एक समय आईपीएस भी सुरक्षित नहीं थे, आज योग्यता के आधार पर मिल रही नौकरी

लखनऊ, 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं थे, जबकि आज कानून का राज स्थापित हुआ है और युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भेदभाव के रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर संचालकों (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कहा कि चयन का एकमात्र आधार योग्यता है और किसी भी स्तर पर सिफारिश या पक्षपात के लिए कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बांटे 930 कंप्यूटर आपरेटरो को नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया। उन्होंने लोकभवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से चयनित 930 कंप्यूटर आपरेटर ग्रेड-ए को नियुक्ति पत्र वितरित करने के साथ नसीहत भी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना घोर अनुशासनहीनता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हम लोग अक्सर देखते हैं कि पुलिस के जवान ड्यूटी के दौरान लोग रील बनाते रहते हैं। ड्यूटी के दौरान यह कार्य तो घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता का पार्ट है। उस समय हमें ड्यूटी के प्रति सजग रहना होगा न कि रील बनाना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में पुलिस आरक्षी भर्ती के लगभग 35 हजार पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें करीब 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसके अलावा 41 हजार होमगार्ड पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में विभिन्न चरणों में लगभग 2.15 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की जा चुकी है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन और कानून के शासन की मजबूत नींव निष्पक्ष भर्ती और बेहतर प्रशिक्षण से तैयार होती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य एक ऐसी पुलिस व्यवस्था विकसित करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम, पेशेवर और जनता के प्रति जवाबदेह हो।

विपक्ष पर परोक्ष हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने मुरादाबाद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय हिंसक भीड़ ने डीआईजी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी पर हमला कर दिया था। यह उस दौर की कानून-व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर थी।

उन्होंने कहा, “जब एक आईपीएस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं था, तब आम नागरिकों, व्यापारियों और महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।” मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है और अपराध तथा माफिया तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी के ये कर्मी प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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