टीम भावना और योजनाबद्ध प्रयास से बेहतर परिणाम संभव: आनंदीबेन पटेल
लखनऊ, 07 मई 2026। आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जनभवन स्थित गांधी सभागार में महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाविद्यालयों की शैक्षणिक, सहशैक्षणिक और कौशल विकास गतिविधियों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।
राज्यपाल ने कहा कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए स्व-गणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उन्होंने सभी से सही और तथ्यात्मक जानकारी देकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।
महिला महाविद्यालयों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनका लाभ अधिक से अधिक छात्राओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तकनीकी और कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कुकिंग, सिलाई, कढ़ाई, मेहंदी, प्रौद्योगिकी, योग, संगीत और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर छात्राओं को ऐसी शिक्षा दी जाए, जिससे वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकें।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को समय-समय पर राजभवन में बुलाकर नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद वहां के कुलपति और शिक्षकों के प्रयासों से विश्वविद्यालय को नैक में ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ।
उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि शिक्षक समय से महाविद्यालय पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों को कौशल विकास तथा रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ें। नैक मूल्यांकन के विभिन्न मानकों के अनुसार शिक्षकों को जिम्मेदारियां सौंपकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की जरूरत है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को विभिन्न ओलंपियाड परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जनभवन में बच्चों को बांसुरी वादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और महाविद्यालयों में भी इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 21 जून के बाद राजभवन में आमंत्रित करने की बात भी कही।
अध्यापकों की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महाविद्यालय रिक्त पदों से संबंधित अधियाचन शासन को भेजें, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा सके।
बैठक में उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि राज्यपाल के सतत मार्गदर्शन के कारण प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है और उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि बैठक का उद्देश्य महाविद्यालयों को गुणवत्ता आधारित शिक्षा और रैंकिंग मानकों के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव कुमार ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व से प्रदेश के विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
