लखनऊ, 17 मई 2026 (यूएनएस)। कभी आर्थिक विषमता, राजकोषीय अव्यवस्था और विकासात्मक असंतुलन के लिए चर्चित रहने वाला उत्तर प्रदेश अब 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रेवेन्यू सरप्लस के साथ देश की मजबूत और आत्मविश्वासी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि यह बदलाव दूरदर्शी नीतियों, वित्तीय अनुशासन, राजस्व सुदृढ़ीकरण और व्यय प्रबंधन के प्रभावी मॉडल का परिणाम है।
प्रदेश सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश अब उपभोग आधारित वित्तीय ढांचे से आगे बढ़कर निवेश उन्मुख आर्थिक संरचना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेवेन्यू सरप्लस का अर्थ यह है कि राज्य की आय उसके राजस्व व्यय से अधिक है, जिससे सरकार बिना अतिरिक्त कर्ज लिए विकास और पूंजीगत परियोजनाओं पर निवेश करने की स्थिति में पहुंची है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “न्यूनतम व्यय, अधिकतम प्रभाव” की कार्यशैली को अपनाया। सरकार का कहना है कि इससे संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।
वित्तीय प्रबंधन को लेकर सरकार ने कर संग्रह व्यवस्था में तकनीकी सुधार किए, जिससे कर आधार का विस्तार हुआ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल निगरानी व्यवस्था के कारण कर राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार का दावा है कि खनन, ऊर्जा, परिवहन और संपत्ति प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सुधारों के जरिए गैर-कर राजस्व के स्रोत भी मजबूत हुए हैं। इसके साथ ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), लक्षित सब्सिडी और अनुत्पादक खर्चों में कटौती के जरिए वित्तीय संसाधनों के अपव्यय पर नियंत्रण लगाया गया।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में व्यापार सुगमता सुधार, नई औद्योगिक नीतियां और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकार के मुताबिक एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, ऊर्जा परियोजनाएं और शहरी परिवहन नेटवर्क जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों ने प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में सुधारों को भी इस आर्थिक परिवर्तन का अहम आधार बताया गया है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि विपणन सुधारने और ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत करने से उपभोग और मांग में वृद्धि हुई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बढ़े निवेश को मानव संसाधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा वित्तीय स्थिति और निवेश आधारित विकास मॉडल इस लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।
