लखनऊ, 27 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जियो-बीपी और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने साझेदारी की है। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों के लिए ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना को जियो-बीपी पल्स, जो जियो-बीपी का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व्यवसाय है, के माध्यम से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मजबूत और आधुनिक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।
जियो-बीपी के चेयरमैन सार्थक बेहुरिया ने कहा कि भारत का सस्टेनेबल मोबिलिटी की ओर तेजी से बढ़ता कदम मजबूत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और मास ट्रांजिट सिस्टम के इलेक्ट्रिफिकेशन से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यह पहल केंद्र सरकार के स्वच्छ और भविष्य उन्मुख परिवहन विजन के अनुरूप है।
जियो-बीपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय वाधवा ने कहा कि यूपीएसआरटीसी के साथ यह साझेदारी देश में बड़े स्तर पर बीटूबी ईवी चार्जिंग इकोसिस्टम विकसित करने की कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने बताया कि जियो-बीपी के पास देशभर में पहले से 6,000 से अधिक ईवी चार्जिंग प्वाइंट मौजूद हैं और कंपनी लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है।
उन्होंने कहा कि हाई-फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए तेज चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बसों के चार्जिंग समय में कमी आएगी और परिचालन क्षमता बेहतर होगी। इससे कमर्शियल फ्लीट के इलेक्ट्रिफिकेशन को भी गति मिलेगी।
परियोजना अगले कुछ महीनों में शुरू की जाएगी और इसे छह क्लस्टर्स में लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रमुख सार्वजनिक परिवहन मार्गों पर फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ताकि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अधिक सुचारु और प्रभावी बनाया जा सके।
कंपनी के अनुसार, यह साझेदारी सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और स्वच्छ तथा टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जियो-बीपी और यूपीएसआरटीसी का यह सहयोग राज्य में डिजिटल और हरित परिवहन ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
