राम मंदिर ट्रस्ट में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं, एसआईटी रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना से करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है, लेकिन इस प्रकरण की आड़ में अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि और हिंदू आस्था को बदनाम करने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और राज्य सरकार उसके प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करती।

इंडिया टुडे समूह के कार्यक्रम ‘पंचायत आज तक’ में बुधवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में कथित रूप से शामिल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनकी सहायता करने के आरोप में दो अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाई जा रही है तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रकरण के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने इसे जवाबदेही का उदाहरण बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस घटना का इस्तेमाल धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने और अयोध्या की छवि धूमिल करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन उसे आधार बनाकर श्रीराम जन्मभूमि और करोड़ों लोगों की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में भी दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आस्था और कानून दोनों का सम्मान बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *