बालिका शिक्षा को नई उड़ान दे रही योगी सरकार, केजीबीवी के लिए 18 सूत्रीय एक्शन प्लान लागू

लखनऊ, 17 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। छात्राओं की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण, स्वास्थ्य, खेलकूद और छात्रावास सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 18 सूत्रीय एक्शन प्लान तैयार किया है।

हाल ही में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं को लागू करने के निर्देश दिए गए। सरकार का लक्ष्य प्रदेश की प्रत्येक बालिका को सुरक्षित, सुविधायुक्त और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वह शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर हो सके।

भीषण गर्मी को देखते हुए सभी विद्यालयों में कूलर, पंखे, एग्जॉस्ट फैन और जनरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खाद्यान्न आपूर्ति से संबंधित सभी प्रक्रियाएं एक सप्ताह के भीतर पूरी कर आवश्यक सामग्री विद्यालयों तक पहुंचाने को कहा गया है। छात्राओं और स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ग्रीष्मकालीन गृहकार्य उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।

सरकार ने विद्यालयों में स्वीकृत विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इनमें फर्नीचर की खरीद, रोटी मेकिंग मशीन, वॉशिंग मशीन, सोलर गीजर, लोक संगीत वाद्ययंत्र और ओपन जिम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। जिन जिलों में कार्मिकों का नवीनीकरण लंबित है, वहां भी एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सभी विद्यालयों में कंप्यूटर, ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और अनलिमिटेड डेटा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि छात्राएं आधुनिक तकनीक से जुड़ें और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से प्रतिस्पर्धी माहौल के लिए तैयार हों।

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पिछले और वर्तमान बैच की छात्राओं के भुगतान की स्थिति, बैंक खातों की सीडिंग तथा अन्य औपचारिकताओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि पात्र छात्राओं को बिना किसी बाधा के छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।

निर्माणाधीन छात्रावासों, अतिरिक्त डॉर्मेट्री, कंप्यूटर लैब और शौचालय ब्लॉकों के कार्यों को शीघ्र पूरा कराने पर भी जोर दिया गया है। जिन परियोजनाओं का निर्माण 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द हस्तांतरित कर संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित ‘केजीबीवी एक खेल’ कार्यक्रम में भी तेजी लाने को कहा गया है। धीमी प्रगति वाले जनपदों को गतिविधियां बढ़ाने तथा चयनित छात्राओं को 3 जुलाई तक खेल प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि बालिका शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे सुरक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, खेल और जीवन कौशल से भी जोड़ा जाना चाहिए। यही कारण है कि केजीबीवी विद्यालयों को बालिका सशक्तीकरण के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल प्रदेश की हजारों छात्राओं को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में नई संभावनाएं उपलब्ध कराएगी। योगी सरकार की यह रणनीति बालिका शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *