लखनऊ, 03 मई 2026 (यूएनएस)। योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है। इस नई व्यवस्था से करीब 67 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिला है।
1 किलोवाट उपभोक्ताओं को सबसे बड़ी राहत
सरकार के फैसले के तहत अब 1 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का बैलेंस खत्म होने के बाद भी उनकी बिजली आपूर्ति तुरंत बंद नहीं होगी। उन्हें 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी, ताकि वे इस दौरान अपना बैलेंस रिचार्ज कर सकें।
प्रदेश में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 43 लाख से अधिक है।
2 किलोवाट उपभोक्ताओं को भी सुविधा
1 से 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन वाले करीब 24 लाख उपभोक्ताओं को भी इमरजेंसी क्रेडिट की सुविधा दी गई है। बैलेंस खत्म होने के बाद तीन दिन तक यदि बैलेंस माइनस 100 रुपये तक रहता है, तो बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि माइनस 200 रुपये तक पहुंचने पर और रिचार्ज न होने पर बिजली स्वतः कट जाएगी।
पहले क्या थी व्यवस्था
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद पहले उपभोक्ताओं को केवल 3 दिन का समय मिलता था, जिसके बाद बिजली स्वतः बंद हो जाती थी। इससे खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती थी।
तय समय में नहीं कटेगी बिजली
नई व्यवस्था के तहत कुछ विशेष समय में बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी—
- शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक
- रविवार, दूसरे शनिवार और सभी सार्वजनिक अवकाश के दिन
83 लाख से अधिक मीटर लगाए गए
प्रदेश में अब तक करीब 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या कम लोड वाले घरेलू उपभोक्ताओं की है।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
नई व्यवस्था में इमरजेंसी क्रेडिट के दौरान उपयोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज से स्वतः समायोजित हो जाएगी। सरकार का यह फैसला खासकर निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिससे उन्हें अचानक बिजली कटने की समस्या से निजात मिलेगी।
