मोदी सरकार ने परिसीमन को राजनीतिक हथियार बनाया, विधेयक महिला और संविधान विरोधी: गौरव गोगोई

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को महिलाओं, जाति जनगणना, संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार परिसीमन को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार को लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों के आधार पर ही वर्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने पिछली लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर चर्चा के दौरान भी यही सुझाव दिया था कि महिला आरक्षण लागू किया जाए, लेकिन इसे परिसीमन से न जोड़ा जाए। इसके बावजूद सरकार ने विपक्ष की बात नहीं मानी।

गौरव गोगोई ने सवाल उठाया कि तीन वर्षों में ऐसा क्या बदल गया कि सरकार का रुख बदल गया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2023 में आश्वासन दिया था कि जनगणना, परिसीमन और महिला आरक्षण तीनों होंगे, लेकिन अब सरकार का रुख बदलता नजर आ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने में देरी करना चाहती है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग रखा जाए और 543 सीटों पर ही इसे 2029 में लागू किया जाए।

गौरव गोगोई ने कहा कि यह वास्तव में महिला आरक्षण विधेयक नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे परिसीमन लागू करने की राजनीतिक मंशा है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने किस आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या 815 करने की बात तय की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहती है, जबकि देश के राष्ट्र निर्माताओं ने इसे राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करने के लिए नहीं बनाया था।

गौरव गोगोई ने जम्मू-कश्मीर और असम में हुए परिसीमन का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार के लिए परिसीमन नागरिकों की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक सत्ता को मजबूत करने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि असम में एक लोकसभा क्षेत्र की आबादी 16 लाख है, जबकि दूसरे की 26 लाख, जो असमानता को दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में वही मॉडल लागू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे “शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि महिला आरक्षण का दुरुपयोग किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह विधेयक महिला विरोधी, जाति जनगणना विरोधी, संविधान विरोधी और संघीय ढांचे के खिलाफ है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और राजनीतिक लाभ के लिए देश के संतुलन के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।

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