राम मंदिर दान चोरीः सीसीटीवी फुटेज रिकवर, जेब और जुराब में छुपाते दिखे नोटों की गड्डियां

लखनऊ,05 जुलाई 2026 (यूएनएस)। अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच तेजी से जारी है। अयोध्या में दो दिन तक डेरा डाले रहे एसआईटी के हाथ चढ़ावा चोरी के गायब रिकार्ड लगे हैं। विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज रिकवर हो गए हैं जिनमें चढ़ावा चोरों की करतूत कैद है। सूत्रों के मुताबिक रिकवर फुटेज में कोई जेब में तो कोई जुराब में नोटों की गड़्डियां छिपाता दिखा।

फुटेज में चेहरे साफ नहीं दिखे तो उसके भी इंतजाम किए जा रहे हैं। हाईजूम रिज्युल्यूशन पर आरोपियों के चेहरे पहचानने की कोशिश की जा रही है। पहले ही पता चल चुका है कि चढ़ावे की रकम ठिकाने के लिए सीसीटीवी कैमरे के सामने इस तरह खड़े होते थे कि किसी का चेहरा साफ न आए। पहले मिले सीसीटीवी फुटेज में ब्लाइंड स्पॉट देखे गए हैं। डिलीट फुटेज रिकवर कराने की योजना तैयार की गई।

विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से कुछ फुटेज रिकवर किए गए हैं। इसके जरिए साफ हो जाएगा कि चढ़ावा चोरी का असली किरदार कौन था। कहां-कहां सुरक्षा कमियां थी। सुनियोजित साजिश या फिर सिर्फ चोरी ही थी। सवालों के जवाब एसआईटी खंगालने की कोशिश कर रही है। पता चला है कि सीसीटीवी फुटेज की निगरानी करने वाले एक जिम्मेदार सदस्य को तलब कर जवाब सवाल किए।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित एसआईटी के लपेटे में निर्माण एजेंसियां भी आ गई हैं। एसआईटी के अफसरों ने जांच पड़ताल के दूसरे दिन राम मंदिर निर्माण एजेंसी एलएण्डटी और पर्यवेक्षण एजेंसियों के अभियंताओं को तलब कर पूछताछ की। टीईसी की ओर से अभियंता जगदीश आफले और गिरीश सहस्त्र भोजनी के अलावा एलएण्डटी के भी इंजीनियर पेश हुए और उन्होंने अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए।

जांच अधिकारियों ने इन सभी सवाल-जवाब के साथ निर्माण के अभिलेखों को भी तलब किया। निर्माण अभिलेखों की पड़ताल की है। एसआईटी के मुख्य तीनों अधिकारी लखनऊ लौट गए हैं। चढ़ावा चोरी को लेकर मुख्य आरोपियों की पहचान की गई। चोरी कब से शुरू हुई और निगरानी की व्यवस्थाएं क्या थी। कहां चूक हुई और रोकथाम के उपायों को लेकर सुझाव भी दिया गया है।

दूसरी तरफ राम मंदिर में विभिन्न मामलों में हुई अनियमितताओं तथा जमीन खरीद फरोख्त के साथ सामग्रियों की आपूर्ति व निर्माण कार्य में भी अनियमितता की जांच हो रही है। एसआईटी चेयरमैन खुद आइआइटियन हैं। ऐसी तकनीक में विशेषज्ञता हासिल है। इसका फायदा भी जांच टीम को मिल रहा है।

एसआईटी गोपनीयता बनाए है। बैंक अधिकारी से ट्रस्ट के ट्रांजैक्शन के कागजात मांगे गए हैं। प्राथमिकता श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा वर्ष 2021 में खरीदी गई जमीनों को दी जा रही है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए अधिकारी मुख्यालय चले गए हैं।

सूत्र बताते हैं कि एक बैंक अधिकारी ने बताया है कि नोट गिनने वाले कर्मचारी काफी सीधे नजर आते थे, इसीलिए कभी किसी को शक नहीं हुआ। वह कमरे में मर्यादा का पालन करते थे। जांच अधिकारी उन्हें खास तवज्जो देते थे। कभी नहीं लगा कि सीसीटीवी कैमरा बंद है।

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