राजद के 30वें स्थापना दिवस पर लालू का संदेश, गरीबों की लड़ाई जारी रखने और भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान

पटना,05 जुलाई 2026। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार को बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम विस्तृत संदेश जारी करते हुए सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने अपने लिखित संदेश में कहा कि 5 जुलाई 1997 को राजद की स्थापना गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और वंचित तबकों को उनका हक और सम्मान दिलाने के उद्देश्य से की गई थी तथा यह दिन बिहार की राजनीति की दिशा और दशा बदलने वाला ऐतिहासिक दिन साबित हुआ।

सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का किया आह्वान

लालू यादव ने कहा कि तीन दशक की यात्रा में राजद ने सामाजिक और आर्थिक असमानता, सांप्रदायिकता तथा भेदभाव के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके त्याग, समर्पण और मेहनत की बदौलत ही राजद आज भी मजबूत होकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने हर दौर में पार्टी का साथ देने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के प्रति आभार जताया।

राजद अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी का विकास मॉडल केवल बड़े हवाई अड्डों, मॉल और आलीशान इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब उसे बनाने वाले मजदूरों, कारीगरों और गरीब परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार आए।

लालू यादव ने अपने संदेश में समाजवादी विचारधारा के नेताओं डॉ. राममनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के प्रति राजद की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि अब सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सशक्तिकरण की लड़ाई को भी निर्णायक मुकाम तक पहुंचाना होगा।

लालू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा, पूंजी के प्रभाव और दक्षिणपंथी राजनीति के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, शिक्षा, रोजगार और समान अवसरों जैसे मुद्दों को धार्मिक ध्रुवीकरण के जरिए दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि हाल के चुनावी घटनाक्रम बताते हैं कि लोकतंत्र और संविधान को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष और तेज करने की जरूरत है।

उन्होंने राजद कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी को केवल चुनाव लड़ने वाली राजनीतिक मशीन नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के लिए संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष करने वाला आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने सभी प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर गरीबों, किसानों, वंचितों और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि छोटे-छोटे मतभेद भुलाकर इस संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाना समय की मांग है।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *