सीबीएसई परिणाम विवाद पर छात्रों से मिले राहुल गांधी, ‘डीप स्टेट एजेंट’ और ‘पाकिस्तानी’ कहे जाने पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 31 मई 2026। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली तथा परीक्षा परिणामों को लेकर शिकायत करने वाले छात्रों से मुलाकात की। इस मुलाकात का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया, जिसमें छात्र अपनी समस्याओं और अनुभवों को रखते नजर आए।

राहुल गांधी ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि उन्होंने उन छात्रों से बातचीत की है जिन्होंने सीबीएसई की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा परिणामों से जुड़े मुद्दों पर जवाब चाहते हैं तथा उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

वीडियो में कक्षा 12 के छात्र वेदांत ने दावा किया कि भौतिकी विषय में अपेक्षा से कम अंक मिलने पर उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका की प्रति मंगाई। उनके अनुसार, प्राप्त प्रति में दिखाई गई लिखावट उनकी अपनी लिखावट जैसी नहीं लग रही थी। इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया और मामले की जांच की मांग की।

छात्रों ने बातचीत के दौरान यह भी आरोप लगाया कि अपनी शिकायतें सार्वजनिक करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना और आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। कुछ छात्रों ने कहा कि उनकी शैक्षणिक शिकायतों को राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय बना दिया गया।

एक छात्र ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर ‘देश-विरोधी’, ‘पाकिस्तानी’ और ‘डीप स्टेट एजेंट’ जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की शिकायतों का समाधान खोजने के बजाय उन्हें निशाना बनाना उचित नहीं है।

वीडियो में जब एक छात्र ने बताया कि उसे ‘डीप स्टेट एजेंट’ कहा गया, तो राहुल गांधी ने हल्के अंदाज में पूछा कि आखिर ‘डीप स्टेट’ का मतलब क्या होता है। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों पर चर्चा होने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। यदि किसी छात्र को अपने परिणाम या उत्तर पुस्तिका को लेकर संदेह है, तो उसकी शिकायत की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सवाल पूछने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता आवश्यक है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और कुछ छात्रों के परीक्षा परिणामों को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हुई है। कई विद्यार्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित त्रुटियों के आरोप लगाए हैं, जबकि संबंधित मामलों में आधिकारिक जांच और प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

राहुल गांधी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता और मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच बहस जारी है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर छात्रों और अभिभावकों की नजर बनी हुई है।

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