कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी और जबलपुर में राष्ट्रपति मुर्मू ने किया योगाभ्यास, सेनाओं से लेकर आमजन तक दिखा उत्साह

नई दिल्ली, 21 जून 2026। देशभर में रविवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह, उमंग और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘बढ़ती उम्र में योग से रहें निरोग’ रही, जिसके माध्यम से सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग-अलग राज्यों में आयोजित मुख्य समारोहों में भाग लेकर योग दिवस का नेतृत्व किया।

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित गैरीसन मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। सफेद परिधान में राष्ट्रपति ने विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है और भारत की सांस्कृतिक धरोहर पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

योग ने दिया विश्व को एकता का संदेश, देशभर में उत्साह के साथ मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन सहित अनेक शहरों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में हजारों लोगों ने एक साथ भ्रामरी प्राणायाम कर नया उत्साह प्रदर्शित किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित विशाल योग समारोह में भाग लिया।

उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित विशाल योग समारोह में भाग लिया। हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग लोगों, देशों और संस्कृतियों को जोड़ता है तथा विश्व शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।

प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए संतुलित जीवनशैली के महत्व पर बल दिया और कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ हमारी क्षमताएं कम नहीं होनी चाहिए, बल्कि योग के माध्यम से हमें अधिक ऊर्जावान, सक्रिय और लचीला बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कोलकाता के नागरिकों को स्वच्छता और जनभागीदारी के प्रयासों के लिए भी बधाई दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेघालय के अपर शिलांग में भारतीय वायु सेना के उन्नत हवाई पट्टी परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेघालय के अपर शिलांग में भारतीय वायु सेना के उन्नत हवाई पट्टी परिसर में आयोजित योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग आज वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य जीवन पद्धति बन चुका है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

देश की सुरक्षा में तैनात तीनों सेनाओं ने भी योग दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाया। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों, रेगिस्तानी इलाकों, समुद्री तटों और सैन्य ठिकानों पर जवानों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। दिल्ली छावनी के करियप्पा परेड मैदान में लगभग 3,500 सैन्यकर्मियों, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों और स्कूली विद्यार्थियों ने एक साथ योग किया।

भारतीय वायु सेना ने लेह की ऊंची पहाड़ियों से लेकर कार निकोबार के समुद्री तटों तक तथा तवांग से द्वारका तक विभिन्न स्थानों पर योग सत्र आयोजित किए। वहीं भारतीय नौसेना के जवानों ने ‘शांत मन, मजबूत शरीर और हर अभियान के लिए तत्पर’ रहने के संकल्प के साथ योगाभ्यास किया। नौसेना के लिए यह दिन विशेष महत्व का रहा क्योंकि इसी अवसर पर कोलकाता में तीन स्वदेशी युद्धपोतों को नौसेना में शामिल किए जाने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समुदायों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। योग दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। साथ ही यह मानवता, सद्भाव और वैश्विक एकता का ऐसा सूत्र है, जो सीमाओं और संस्कृतियों से ऊपर उठकर पूरी दुनिया को जोड़ने का कार्य करता है।

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