लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कुक्कुट विकास नीति-2022 को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार, लखनऊ में मंडल स्तरीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव एवं कुक्कुट निवेश सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पोल्ट्री उद्यमियों, किसानों और निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कुल 73 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
संयुक्त विकास आयुक्त, लखनऊ मंडल श्री शिवाकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ प्रातः 11 बजे किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग, बैंकिंग क्षेत्र तथा कुक्कुट विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर निवेशकों और किसानों को विभिन्न योजनाओं एवं संभावनाओं की जानकारी दी।
सम्मेलन में प्रभारी एलडीएम निखिल जौहरी, पशुपालन निदेशालय के अपर निदेशक ग्रेड-1 डॉ. अनिल कुमार, उपनिदेशक कुक्कुट-1 डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी, उपनिदेशक कुक्कुट रोग निदान डॉ. विपाशा सिंह, अपर निदेशक ग्रेड-2 डॉ. अजय कुमार कनौजिया तथा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कुक्कुट विकास नीति-2022, वैज्ञानिक पोल्ट्री प्रबंधन, विभागीय योजनाओं तथा निवेश संबंधी जानकारी से युक्त साहित्य वितरित किया गया। साथ ही पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक युवाओं और निवेशकों को आवेदन प्रक्रिया, अनुमन्य अनुदान और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सम्मेलन में सफल पोल्ट्री उद्यमियों डॉ. सुभाष चंद्र जायसवाल और मोहम्मद सैफ ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग, बेहतर प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के लाभ से पोल्ट्री व्यवसाय को लाभदायक बनाने के सुझाव भी दिए।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अंडे और पोल्ट्री उत्पादों के पोषण मूल्य की जानकारी देते हुए बताया कि अंडा प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके नियमित सेवन से पोषण स्तर में सुधार संभव है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा कुक्कुट क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही सुविधाओं और प्रोत्साहन योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि 73 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति रही, जिससे लखनऊ मंडल में पोल्ट्री उद्योग के विस्तार, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने सभी अधिकारियों, उद्यमियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन पोल्ट्री क्षेत्र में नए निवेश और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर कुक्कुट व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
