नई दिल्ली/विक्टोरिया, 27 जून 2026 (यूएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंच गए, जहां उनका अभूतपूर्व और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी स्वयं प्रोटोकॉल तोड़कर विक्टोरिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी के लिए पहुंचे। उनके साथ सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय समुदाय ने ‘मोदी-मोदी’ के नारों और पारंपरिक स्वागत के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शामिल होंगे। इस यात्रा को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री
इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनेंगे। इसे दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों और संसदीय सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
‘विजन महासागर’ पर रहेगा विशेष फोकस
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा का केंद्रबिंदु भारत की ‘विजन महासागर’ (Vision MAHASAGAR) नीति है, जिसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता, समुद्री सहयोग, आपदा प्रबंधन और ब्लू इकॉनमी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा था कि सेशेल्स भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और विश्वसनीय साझेदार है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ के साझा हितों और समावेशी विकास के एजेंडे पर मिलकर काम कर रहे हैं।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और निवेश पर होगी उच्चस्तरीय वार्ता
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसमें समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, आतंकवाद-रोधी समन्वय, ब्लू इकॉनमी, व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण तथा जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
भारत पहले से ही सेशेल्स को तटरक्षक जहाज, समुद्री निगरानी प्रणाली, रक्षा प्रशिक्षण और मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
हिंद महासागर में बढ़ेगा भारत का रणनीतिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत अपने समुद्री साझेदार देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की नीति पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सेशेल्स, मॉरीशस, मालदीव और अन्य द्वीपीय देशों के साथ मजबूत संबंध भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
प्रधानमंत्री अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। भारतीय मूल के लोग सेशेल्स की अर्थव्यवस्था, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं तथा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों की मजबूत कड़ी माने जाते हैं।
50 वर्षों की साझेदारी को मिलेगा नया आयाम
भारत और सेशेल्स के बीच वर्ष 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। पिछले पांच दशकों में दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और विकास सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इस ऐतिहासिक साझेदारी को नई गति देने और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
