लखनऊ, 18 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण और पीडीए राजनीति को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सपा के पीडीए को “पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश” बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पीडीए की आड़ में सिर्फ “यादव” ढूंढना बंद करना चाहिए।
दरअसल, अखिलेश यादव ने 20 मई को “पीडीए ऑडिट, आरक्षण की लूट” विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर आरक्षण में लूट का आरोप लगाया था।
इस पर पलटवार करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने सोमवार को एक्स पर लिखा कि “लगता है कि अखिलेश यादव का हाल एकदम ठीक नहीं है। हम उनसे सवाल पूछते हैं और वो साधु-संतों को गोली देते हैं। आप और आपके लोग साधु-संतों को गाली देना बंद करें, नहीं तो आगे बड़ा श्राप भोगना पड़ेगा।”
राजभर ने 2013 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में हुई नियुक्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान आयोग के अध्यक्ष पद पर ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की गई थी, जिस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2015 को इस नियुक्ति को अवैध और संविधान के अनुच्छेद 316 का उल्लंघन बताया था।
उन्होंने सपा शासनकाल में प्रशासनिक नियुक्तियों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि “86 में से 56 यादव एसडीएम बना दिए गए थे।” राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई “सीक्रेट फॉर्मूला” है तो उसे अन्य पिछड़ी जातियों के युवाओं को भी बताया जाए, ताकि राजभर, निषाद, मौर्य, पाल, कश्यप, कुशवाहा और अन्य बहुजन समाज के बच्चे भी एसडीएम बन सकें।
राजभर ने अपने बयान के अंत में कहा कि “अखिलेश यादव अपने पीडीए यानी पार्टी ऑफ डिंपल एंड अखिलेश की आड़ में सिर्फ यादव ढूंढना बंद करें।”
