डीएम की मंजूरी बिना नहीं शुरू होगा कोई नया काम, प्रशासक बने प्रधानों के अधिकार सीमित

लखनऊ, 07 जून। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बनाए गए निवर्तमान ग्राम प्रधानों के अधिकारों पर राज्य सरकार ने स्पष्ट सीमाएं तय कर दी हैं। पंचायती राज विभाग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे प्रधान बिना जिला अधिकारी (डीएम) की अनुमति के कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं कर सकेंगे और न ही पंचायत निधि से नए कार्यों पर खर्च कर पाएंगे।

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हुआ था। इसके बाद 27 मई से निवर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे प्रधानों में उत्साह था कि पंचायत का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा, लेकिन नए शासनादेश ने उनके अधिकारों को सीमित कर दिया है।

नए नियमों के तहत प्रशासक केवल उन्हीं विकास कार्यों का भुगतान कर सकेंगे जो पहले से स्वीकृत, निर्माणाधीन अथवा पूर्ण हो चुके हैं। गांव में किसी नई योजना की शुरुआत, सरकारी खरीद या नया निर्माण कार्य कराने के लिए डीएम की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी। इसके लिए प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के माध्यम से डीएम को भेजा जाएगा और अनुमति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा।

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे प्रधान कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। यदि किसी गांव में विशेष या अत्यावश्यक आवश्यकता उत्पन्न होती है तो उसका प्रस्ताव प्रशासनिक स्तर पर परीक्षण के बाद डीएम के समक्ष रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तावित कार्यों की जांच भी कराई जा सकती है।

सरकार का कहना है कि पंचायत चुनावों से पूर्व पंचायत निधियों के दुरुपयोग को रोकने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है। नए निर्देशों के बाद गांवों में खड़ंजा, नाली, इंटरलॉकिंग, हैंडपंप सहित किसी भी नए विकास कार्य का निर्णय सीधे प्रशासनिक स्वीकृति से ही संभव होगा।

शासन के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि पंचायतों के अंतरिम संचालन के दौरान विकास कार्यों की अंतिम मंजूरी का अधिकार जिला प्रशासन के पास रहेगा और प्रशासक बने प्रधानों को निर्धारित दायरे में ही कार्य करना होगा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *