निपुण 2.0 से कक्षा 5 तक मजबूत होगी सीखने की बुनियाद, योगी सरकार तैयार कर रही नया शैक्षणिक ढांचा

लखनऊ, 07 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा सुधार के अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा 1 से 3 तक आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के बाद अब सरकार इसकी पहुंच कक्षा 5 तक बढ़ाने जा रही है। इसके लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) विषयों के नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं, जिन्हें 20 जून तक अंतिम रूप देकर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

यह कार्ययोजना अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में निपुण भारत मिशन के विस्तार, कक्षा 3 से 5 तक अधिगम लक्ष्यों के निर्धारण, शिक्षक परामर्श प्रक्रिया और क्रियान्वयन रणनीति की प्रगति की समीक्षा की गई।

सरकार का मानना है कि बच्चों की सीखने की मजबूत बुनियाद ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार होती है। इसी उद्देश्य से निपुण 2.0 के माध्यम से कक्षा 3, 4 और 5 के विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में निरंतर सुधार लाने की योजना बनाई जा रही है। मिशन के विस्तार से बच्चों की विषयगत समझ बेहतर होगी और विद्यालयों में अधिगम परिणामों को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ), परख और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों के आधार पर दक्षताओं का मानचित्रण पूरा कर लिया गया है। इसके आधार पर विषयवार और कक्षावार अधिगम अपेक्षाएं तय की जा रही हैं ताकि शिक्षण प्रक्रिया को अधिक परिणामोन्मुखी बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन कर शिक्षण को उसी के अनुरूप संचालित करना है।

हिंदी और गणित विषयों के लिए प्रारंभिक अधिगम लक्ष्य तैयार कर लिए गए हैं, जबकि अंग्रेजी और ईवीएस के लक्ष्यों को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। निपुण 2.0 को विद्यालयों की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस क्रम में 12 शिक्षकों के साथ वर्चुअल परामर्श आयोजित किया जा चुका है, जबकि आगामी चरण में शिक्षकों की सहभागिता वाली कार्यशालाओं के माध्यम से प्रस्तावित दक्षताओं और अधिगम लक्ष्यों का सत्यापन एवं परिष्करण किया जाएगा।

कक्षा 3 से 5 तक के लिए अधिगम लक्ष्यों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद निपुण संकल्प कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसके जरिए मिशन के विस्तार की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि निपुण 2.0 के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई मिलेगी और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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