रागनी जगत को बड़ा झटका, नहीं रहे लोकप्रिय लोकगायक पेप्सी शर्मा

लोकप्रिय लोकगायक पेप्सी शर्मा

अमरोहा, 08 जून 2026 (यूएनएस)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा की लोकसंगीत परंपरा के लोकप्रिय रागनी गायक पेप्सी शर्मा का आकस्मिक निधन हो गया। महज 38 वर्ष की आयु में उनके निधन की खबर से लोकसंगीत जगत, कलाकारों और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को क्षेत्रीय लोक संस्कृति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।

अमरोहा जिले के पतला गांव निवासी पेप्सी शर्मा ने अपनी दमदार आवाज, विशिष्ट गायन शैली और मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए रागनी जगत में खास पहचान बनाई थी। उन्होंने वर्षों तक गांवों की चौपालों, मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों में लोकजीवन की भावनाओं को अपनी आवाज दी। उनकी रागनियों में किसानों का संघर्ष, ग्रामीण समाज की संवेदनाएं, पारिवारिक रिश्तों की आत्मीयता और लोक संस्कृति की सादगी साफ झलकती थी।

रागनी मंचों पर उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रसिद्ध हरियाणवी कलाकार सपना चौधरी के साथ उनके रागनी मुकाबले दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहते थे। दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियां देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते थे।

पश्चिम उत्तर प्रदेश ग्रामीण रागिनी आयोजक संस्था सहित कई सांस्कृतिक संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। रागनी गायक सुभाष खटाना ने कहा कि पेप्सी शर्मा की गायकी में इस क्षेत्र की मिट्टी की सोंधी महक, गांव का दर्द और लोकजीवन की वास्तविकता सुनाई देती थी। उन्होंने उन्हें लोक संस्कृति का सच्चा संवाहक बताया।

श्रद्धांजलि सभा में मौजूद कलाकारों ने कहा कि कलाकार कभी पूरी तरह विदा नहीं होते, उनकी कला और रचनाएं पीढ़ियों तक जीवित रहती हैं। हरियाणवी लोक परंपरा की प्रसिद्ध पंक्ति—”नाम रहैगा नेक कमाई का, तन तो मिट्टी हो जावेगा”—पेप्सी शर्मा के जीवन और योगदान पर पूरी तरह सटीक बैठती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पेप्सी शर्मा को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है।

रागनी मंचों पर उनकी बुलंद आवाज अब भले सुनाई न दे, लेकिन लोकसंगीत और लोकसंस्कृति के प्रति उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से हरियाणवी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोकसंगीत जगत ने एक लोकप्रिय और प्रतिभाशाली कलाकार को खो दिया है।

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