लखनऊ, 24 जुलाई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित ‘गौ गर्जना अक्षौहिणी संकल्प सभा’ में गो-संरक्षण आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 17 अगस्त से देशव्यापी जनजागरण अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन के लिए सरकार से अनुमति नहीं मांगी जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के 1.07 लाख गांवों से प्रतीकात्मक रूप से नंदी या आनंदी यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न चरणों से गुजरते हुए गोपाष्टमी के अवसर पर लखनऊ पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के तहत गोमाता के संरक्षण का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी यह मांग रखी जाएगी।
अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 14 से 17 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में प्रतिनिधियों का सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। इसके बाद 17 अगस्त से देशभर में “एक नोट अभियान” शुरू किया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक व्यक्ति से आंदोलन के लिए स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी। उन्होंने “गो माता के नाम कांवड़ यात्रा” निकालने की भी घोषणा की।
उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र के दौरान काशी में 11 दिवसीय गौ प्रतिष्ठा यज्ञ आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान लोगों से गो-संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
शंकराचार्य ने बताया कि लखनऊ में प्रस्तावित कार्यक्रम के बाद आंदोलन का अगला चरण शुरू होगा। इसके तहत एक दल दिल्ली की ओर कूच करेगा, जबकि दूसरा दल उत्तर प्रदेश के गांवों में जनजागरण अभियान चलाएगा।
वहीं, आयोजन समिति ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए समय पर आवेदन और ₹4.64 लाख से अधिक शुल्क जमा करने के बावजूद प्रशासन ने अंतिम समय तक अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। समिति का दावा है कि इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति पैदा हुई। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।