लखनऊ, 24 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और आगामी त्योहारों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या कानून-व्यवस्था से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेरठ जोन में लागू सफल ‘कांवड़ मॉडल’ को पूरे प्रदेश के सभी पुलिस जोनों में लागू किया जाए। साथ ही हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखते हुए कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करने और कांवड़ संघों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पूरी तरह गड्ढामुक्त हों और वहां पर्याप्त रोशनी, पेयजल, शौचालय तथा स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविरों में एंटी-वेनम, एंटी-रेबीज सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने तथा प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानों को बंद रखने तथा खाद्य सामग्री बेचने वाली प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही डीजे के लिए निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखने तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने राजस्व और चकबंदी के मामलों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने, राशन वितरण और बिजली बिलों से संबंधित शिकायतों का तत्काल समाधान करने तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी अधिकारियों को निलंबित कर विजिलेंस जांच के साथ कठोर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए।