लखनऊ, 24 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। राजधानी लखनऊ में आयोजित एडइनबॉक्स रीजनल हायर एजुकेशन समिट 2026 ने शहर को एक उभरते एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस समिट में शिक्षा जगत के विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों, स्कूल लीडर्स, नीति निर्माताओं और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. (डॉ.) आदर्श कुमार, निदेशक फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्रीज द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, डॉ. टी.पी. सिंह, प्रो. उज्जवल के. चौधरी और प्रो. (डॉ.) दीप्ति शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र में प्रो. आदर्श कुमार ने कहा कि आज के समय में केवल सैद्धांतिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक कौशल और रिसर्च आधारित ज्ञान की भी आवश्यकता है। उन्होंने फॉरेंसिक साइंस को तेजी से उभरते करियर विकल्प के रूप में बताया, जिसमें युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।
समिट का प्रमुख आकर्षण फॉरेंसिक साइंस रहा, जहां विशेषज्ञों ने डीएनए प्रोफाइलिंग, डिजिटल फॉरेंसिक, टॉक्सिकोलॉजी और फिंगरप्रिंट एनालिसिस जैसी आधुनिक तकनीकों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक साक्ष्य जटिल मामलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।
इसके अलावा समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई शिक्षा नीति, स्किल-बेस्ड एजुकेशन और क्रिएटिव करियर जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा हुई। रीजनल प्रिंसिपल्स मीट, एकेडमिक लीडरशिप डायलॉग और स्कूल-यूनिवर्सिटी कनेक्ट जैसे सत्रों ने शिक्षा क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के बीच संवाद को मजबूत किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को करियर काउंसलिंग और इंटरैक्टिव सेशंस के माध्यम से विशेषज्ञों से सीधे मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। साथ ही ‘प्रिंसिपल अवॉर्ड ऑफ ऑनर’ के तहत उत्कृष्ट शिक्षाविदों को सम्मानित भी किया गया।
आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन न केवल छात्रों को सही दिशा प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें नए अवसरों से जोड़ने और शिक्षा प्रणाली को समय की जरूरतों के अनुसार विकसित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
