जयंत चौधरी का बड़ा संगठनात्मक दांव, अनुपम मिश्रा बने रालोद के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनके नेतृत्व में संगठन बूथ स्तर तक मजबूत होगा और चुनावी तैयारियों को नई गति मिलेगी।

लखनऊ, 18 जुलाई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अनुपम मिश्रा को उत्तर प्रदेश का कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी के निर्देश पर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी ने उनके मनोनयन की घोषणा की।

पार्टी के मीडिया प्रभारी मयंक त्रिवेदी ने बताया कि यह नियुक्ति संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत और बूथ स्तर तक प्रभावी बनाने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि रालोद में जिम्मेदारियां हमेशा मेहनत, निष्ठा और संगठनात्मक क्षमता के आधार पर सौंपी जाती हैं।

अनुपम मिश्रा लंबे समय से पार्टी की केंद्रीय कोर टीम का हिस्सा रहे हैं। वे राष्ट्रीय सचिव, राष्ट्रीय प्रवक्ता, टीम आरएलडी के राष्ट्रीय संयोजक तथा झारखंड प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए शुरू किए गए ‘सारथी’ कार्यक्रम में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार वर्तमान में प्रदेश कार्यकारिणी भंग है। ऐसे में नई कार्यकारिणी के गठन, संगठन के विस्तार और विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने की जिम्मेदारी अब अनुपम मिश्रा के पास होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी उनके जरिए शहरी क्षेत्रों, शिक्षित वर्ग और ब्राह्मण समाज में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।

राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी ने विश्वास जताया कि अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में संगठन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा। वहीं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामाशीष राय ने कहा कि वे उनके साथ मिलकर प्रदेश में संगठन को और मजबूत करेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने उन्हें कुशल संगठनकर्ता और मृदुभाषी नेता बताते हुए कहा कि यह पार्टी का दूरदर्शी निर्णय है। संसदीय दल के अध्यक्ष के.सी. त्यागी, सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, सांसद चंदन चौहान सहित कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने भी उनके मनोनयन पर शुभकामनाएं दी हैं।

रालोद का यह फैसला आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share this newsWhatsAppFacebookX

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *