नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल से जुड़े दिल्ली शराब घोटाला मामले और आपराधिक अवमानना केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने दोनों मामलों की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब शराब घोटाला मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज जैन करेंगे, जबकि आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी।
दिल्ली शराब घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपियों को दी गई राहत को चुनौती दी है। इस मामले में अब मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित है। पहले इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा कर रही थीं, लेकिन उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया।
वहीं, आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई अब जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की डिवीजन बेंच करेगी। इस मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपने खिलाफ कथित रूप से प्रसारित ‘मानहानिकारक’ और ‘अपमानजनक’ सामग्री का संज्ञान लिया था। पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ इस तरह की सामग्री बेहद गंभीर है और इसे लेकर अवमानना कार्यवाही शुरू की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि यह मामला दिल्ली की कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप नेता दुर्गेश पाठक समेत 23 आरोपियों को राहत दी थी। सीबीआई ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
