लखनऊ, 11 मई 2026 (यूएनएस)। योगी आदित्यनाथ से सोमवार को हरिकिशोर तिवारी ने मुलाकात कर प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कर्मचारी संगठनों और शासन स्तर पर लंबित मामलों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।
हरिकिशोर तिवारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि कर्मचारी संगठनों, मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव कार्मिक स्तर पर कई आदेश जारी होने के बावजूद लंबे समय से बैठकें नहीं हो पा रही हैं, जिससे कर्मचारियों की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी के दिल्ली जाने के बाद अब तक किसी प्रकार की औपचारिक बैठक आयोजित नहीं की गई है।
बैठक के दौरान परिषद की ओर से मांग की गई कि कर्मचारी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र शासनादेश जारी कर नियमित संवाद प्रक्रिया शुरू की जाए। परिषद नेताओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना 2016 का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि यह योजना लंबे आंदोलन और एनेक्सी घेराव के बाद लागू हुई थी तथा गंभीर बीमारियों के लिए असीमित इलाज की व्यवस्था इसमें की गई थी। आरोप लगाया गया कि योजना को आयुष्मान योजना से जोड़कर इलाज की सीमा प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक सीमित कर दी गई, जबकि मूल योजना में कैंसर, ट्रांसप्लांट, ब्रेन हेमरेज, घुटना प्रत्यारोपण और लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों के लिए अनलिमिटेड इलाज का प्रावधान था।
परिषद प्रतिनिधियों ने लोक निर्माण विभाग में ऑनलाइन आगणन और स्वीकृतियों में हो रही देरी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उनका कहना था कि वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में स्वीकृतियां जारी होने से कार्यों को जल्दबाजी में पूरा करना पड़ता है, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
बैठक में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा भी उठा। परिषद नेताओं ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि वर्ष 2018 में कर्मचारियों और शिक्षकों की हड़ताल के दौरान सरकार ने समिति बनाकर चर्चा कराई थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकारी अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किए जाने का निर्णय भविष्य की पेंशन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है और अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) तक पहुंचने का रास्ता तैयार हुआ है।
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष एन.डी. द्विवेदी, कार्यवाहक महामंत्री डा. नरेश सहित विभिन्न विभागों और संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। परिषद प्रतिनिधियों ने भविष्य में कर्मचारी हितों से जुड़े आवश्यक आदेश जारी होने और सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई।
