इंडिया गठबंधन की बैठक में पांच प्रस्तावों पर सहमति, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

नई दिल्ली, 08 जून 2026 (यूएनएस)। विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ की सोमवार को नई दिल्ली में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर सहमति बनी। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि गठबंधन ने पांच प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें नीट-यूजी और सीबीएसई परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।

खरगे ने कहा कि नीट-यूजी परीक्षा और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली में सामने आई कथित गड़बड़ियों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। ऐसे में शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ विश्वासघात हुआ है और सरकार इस मामले में जवाबदेही से बच नहीं सकती।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और कथित ‘वोट लूट’ जैसे मुद्दों को लेकर भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत को जल्द ही एक पत्र भेजा जाएगा। गठबंधन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवालों पर न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

इंडिया गठबंधन ने देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और अन्य जनसरोकार के मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की। नेताओं का कहना है कि इन विषयों पर संसद और राजनीतिक दलों के बीच व्यापक संवाद जरूरी है।

बैठक में यह सहमति भी बनी कि संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। इसके लिए प्रतिदिन समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही गठबंधन के शीर्ष नेताओं की बैठक प्रत्येक दो महीने में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। अगली बैठक हैदराबाद में होगी।

संविधान क्लब में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले सहित 23 दलों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

बैठक में विपक्षी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ साझा राजनीतिक रणनीति, संसद में समन्वित भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। नेताओं ने कहा कि विपक्षी एकता को और मजबूत करते हुए जनता के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।

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