चंद्रनाथ रथ: वायुसेना से राजनीति तक, कैसे बने शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी

कोलकाता, 07 मई 2026। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताते हुए सत्तारूढ़ दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर क्षेत्र के रहने वाले थे। यही इलाका शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक पहचान और प्रभाव का प्रमुख केंद्र माना जाता है। शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल छवि वाले रथ लंबे समय तक संगठन के भीतर रहकर जमीनी स्तर पर काम करते रहे और धीरे-धीरे अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए।

वायुसेना में दो दशक तक सेवा

राजनीति में सक्रिय होने से पहले चंद्रनाथ रथ ने भारतीय वायुसेना में लगभग 20 वर्षों तक सेवा दी थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रहरा रामकृष्ण मिशन से प्राप्त की थी। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, छात्र जीवन में वे आध्यात्मिक विचारों से भी प्रभावित थे और एक समय संन्यास जीवन पर भी विचार कर चुके थे।

वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कुछ समय निजी क्षेत्र में काम किया, लेकिन बाद में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय हो गए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा था परिवार

रथ का परिवार पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हसी रथ ने पूर्वी मेदिनीपुर में पंचायत स्तर पर पद भी संभाला था। बाद में वर्ष 2020 में वह शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं।

परिवार और शुभेंदु अधिकारी के बीच संबंध दो दशक से अधिक पुराने बताए जाते हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ वर्ष 2019 के आसपास औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी की टीम में शामिल हुए, जब अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री थे। शुरुआत में उन्होंने मंत्री कार्यालय से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और बाद में भाजपा में आने के बाद भी वही भूमिका निभाते रहे।

संगठन और रणनीति के अहम चेहरा

समय के साथ चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी की राजनीतिक टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बन गए। वे संगठनात्मक समन्वय, कार्यक्रम प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स और पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाए रखने जैसे संवेदनशील कार्यों को संभालते थे। भाजपा के अंदरूनी सूत्र उन्हें अधिकारी का “सबसे विश्वसनीय सहयोगी” मानते थे।

वे भवानीपुर उपचुनाव समेत कई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक अभियानों में कोर टीम का हिस्सा रहे। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा थी कि यदि भविष्य में शुभेंदु अधिकारी को सरकार में बड़ी भूमिका मिलती है, तो चंद्रनाथ रथ को भी अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी।

हत्या के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव

बुधवार रात मध्यग्राम के दोहारिया इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ पर गोलीबारी की, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। भाजपा इसे राजनीतिक हिंसा का मामला बता रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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