भारत-पाक सीमा पर अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर, अमित शाह ने दिए सख्त निर्देश

गांधीनगर जिले के मानसा में 267 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह

नयी दिल्ली, 27 मई 2026 (यूएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि सीमाओं के 15 किलोमीटर दायरे में अवैध निर्माणों को किसी भी हालत में बर्दाश्त न किया जाए और पिछले कुछ वर्षों में बने ऐसे सभी ढांचों को ध्वस्त किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेटों को बैंकिंग लेनदेन की निगरानी, बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सत्यापन, वित्तीय स्रोतों की जांच, फर्जी खातों और फर्जी कंपनियों की पहचान तथा सीमा पार तस्करी रोकने की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही फर्जी आधार कार्डों की पहचान कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

बीकानेर में आयोजित सुरक्षा समीक्षा बैठक में अमित शाह ने राजस्थान के सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर तथा फलोदी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक सीमावर्ती जिलों को अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क का गहन अध्ययन कर स्थायी समाधान विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऐसी समस्याएं दोबारा न उभरें।

अमित शाह ने प्रत्येक सीमावर्ती जिले के लिए “360 डिग्री सुरक्षा कवच” तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें नागरिकों, सरकारी तंत्र और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में गृह मंत्री ने घुसपैठ, मादक पदार्थों की तस्करी, अतिक्रमण, आतंकवाद के वित्तपोषण और अन्य सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए बीएसएफ, सीबीडीटी, एनसीबी और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वित रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए सीमावर्ती गांवों में सभी सरकारी योजनाओं की 100 प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए 1930 हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि इन सभी निर्देशों की दो महीने बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी और जिलों से कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी जाएगी।

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