लखनऊ,08 जुलाई 2026 (यूएनएस)। हजरतगंज में साल 2022 में नाबालिग के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे स्पेशल पॉक्सो प्रथम कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 51-51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह सजा पुलिस कमिश्नरेट के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद सुनाई गई। पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2022 को हजरतगंज कोतवाली में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 386/2022 दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने दादू उर्फ आकाश पुत्र हरिश्चंद्र कनौजिया निवासी चौपड़ हॉस्पिटल, नवल किशोर रोड, हजरतगंज को गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ने पर तुसी उर्फ आदित्य गुप्ता निवासी भेड़ी वाली कोठी, हजरतगंज का नाम भी सामने आया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद 8 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 365, 376डी, 323, 504 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। मामला एडीजे स्पेशल पॉक्सो प्रथम कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने दोनों दोषियों को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अपराध में 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारा 363 (अपहरण) में 5 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना। धारा 365 (अपहरण कर बंधक बनाना) में 5 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना।धारा 323 (मारपीट) में 1 वर्ष का कारावास और 1 हजार रुपये जुर्माना। सभी धाराओं को मिलाकर प्रत्येक दोषी पर कुल 51-51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
