वन महोत्सव-2026: स्वास्थ्य विभाग लगाएगा 16 लाख पौधे, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए सख्त निर्देश

पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी रहेगा जोर, हर जिले में नोडल अधिकारी होंगे तैनात; मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित

लखनऊ, 08 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘वन महोत्सव-2026’ अभियान को सफल बनाने के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग को 16 लाख से अधिक पौधे रोपित करने का लक्ष्य सौंपा गया है। इस अभियान की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि पौधारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का दीर्घकालिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

पौधारोपण के साथ संरक्षण पर भी रहेगा जोर, हर जिले में नोडल अधिकारी होंगे तैनात; मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित

बुधवार को विधानसभा स्थित सभागार से प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ वर्चुअल बैठक में डिप्टी सीएम ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य संस्थान पौधारोपण के लिए अपने परिसरों में उपयुक्त स्थानों का चयन कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें तथा पौधों की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं।

केवल पौधे लगाना नहीं, उन्हें बचाना भी प्राथमिकता

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व वर्षों में कई बार बड़े पैमाने पर पौधारोपण तो हुआ, लेकिन उनकी देखभाल के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इस बार सरकार का पूरा जोर पौधों के सर्वाइवल रेट (जीवित रहने की दर) को बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधे की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), मेडिकल कॉलेजों तथा अन्य विभागीय परिसरों में अधिकाधिक पौधे लगाए जाएं। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए, जिससे यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सके।

स्वास्थ्य और पर्यावरण का है सीधा संबंध

बैठक में डिप्टी सीएम ने कहा कि बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और तापमान में लगातार वृद्धि आज स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से भी सीधे जुड़ा हुआ है। अधिक पेड़-पौधे वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान नियंत्रित रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के परिसरों को हरित एवं स्वच्छ बनाने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों दोनों को बेहतर वातावरण मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थायी हरित परिसरों के विकास पर भी कार्य करेगा।

जिलेवार लक्ष्य तय, नियमित होगी मॉनिटरिंग

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिलेवार पौधारोपण लक्ष्य की सूची भी जारी की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पौधारोपण की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा समय-समय पर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। अभियान के प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जाएगी ताकि तय लक्ष्य समय पर पूरा हो सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोएल सहित प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

वन महोत्सव-2026: सरकार का हरित उत्तर प्रदेश अभियान

उत्तर प्रदेश सरकार इस वर्ष प्रदेशभर में 35 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य लेकर व्यापक स्तर पर वन महोत्सव-2026 का आयोजन कर रही है। इसमें वन विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम्य विकास, नगर विकास, पंचायती राज, सिंचाई, लोक निर्माण, पुलिस एवं अन्य विभागों को भी लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाकर पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करना है। स्वास्थ्य विभाग का 16 लाख पौधारोपण का लक्ष्य इसी व्यापक हरित अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

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