हथियार छीनकर पुलिस पर फायरिंग करने का दावा, चौथा आरोपी भी गिरफ्तार; घटना के बाद पूरे बंगाल में सियासी और कानूनी बहस तेज
कोलकाता, 9 जुलाई। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में नाबालिग बालिका के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में बुधवार तड़के बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल सीन रिक्रिएशन (घटनास्थल पर घटनाक्रम के पुनर्निर्माण) के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने एक पुलिसकर्मी का सर्विस पिस्टल छीनकर भागने और पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल बरुईपुर उप-मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रभास मंडल को बुधवार तड़के करीब 12:45 बजे सूर्यपुर स्थित घटनास्थल पर ले जाया गया था, ताकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का सत्यापन और घटनाक्रम का पुनर्निर्माण किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार विरोधाभासी और भ्रामक बयान दे रहा था तथा जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इसी वजह से सीन रिक्रिएशन आवश्यक माना गया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आरोपी ने कथित रूप से एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि रोकने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। इस पूरी घटना की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और नियमानुसार इसकी जांच की जाएगी।
तालाब से मिला था नाबालिग का शव
बरुईपुर के सूर्यपुर इलाके में रविवार सुबह एक नाबालिग बालिका का शव तालाब से बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या से पहले यौन उत्पीड़न की आशंका जताई थी। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कथित रूप से पीड़िता घटना से पहले प्रभास मंडल के साथ दिखाई दी थी। पुलिस के अनुसार, यही फुटेज उसकी गिरफ्तारी का प्रमुख आधार बना। प्रभास मंडल को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय लोगों ने भी उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया था।
चौथा आरोपी भी गिरफ्तार
इस बीच पुलिस ने मामले में चौथे आरोपी कबीर मोल्ला को उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ), बरुईपुर सब-डिवीजन ऑपरेशन ग्रुप और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, वह घटना के बाद से फरार था। इससे पहले प्रभास मंडल, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को गिरफ्तार किया जा चुका था।
अस्पताल और इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
मुख्य आरोपी की मौत के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बरुईपुर उप-मंडलीय अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में केंद्रीय बलों एवं अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
विरोध प्रदर्शनों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने की थी उच्चस्तरीय समीक्षा
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बरुईपुर पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में जांच की समीक्षा की थी। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ “शून्य सहनशीलता” की नीति दोहराते हुए त्वरित और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे। साथ ही हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा था।
मुख्य आरोपी की मौत के बाद अब जांच का केंद्र शेष आरोपियों की भूमिका, अपराध की पूरी साजिश, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों की बरामदगी तथा मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच पर रहेगा।
