राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड पर धीरेंद्र शास्त्री का तीखा बयान, बोले- ‘रावण आज भी हैं, बस उनका रूप बदल गया है’

लखनऊ/अयोध्या, 27 जून 2026। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि भगवान के नाम पर चढ़ाए गए दान में किसी प्रकार की चोरी या गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

‘यह सिर्फ पैसों की नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की चोरी है’; दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह मामला केवल धन के गबन का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और श्रद्धा को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं ने विश्वास और भक्ति के साथ दान दिया था। ऐसे में यदि उस विश्वास के साथ खिलवाड़ हुआ है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

‘रावण आज भी हैं, बस उनका रूप बदल गया है’

अपने बयान में धीरेंद्र शास्त्री ने रामायण का उल्लेख करते हुए कहा,
“रावण ने तो केवल माता जानकी का हरण किया था, लेकिन इन लोगों ने करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास चुरा लिया। रावण आज भी हैं, बस उनका रूप बदल गया है।”

उन्होंने कहा कि भगवान के नाम पर आने वाले चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है।

‘भगवान के नाम पर चोरी करने वालों को नहीं मिलेगी माफी’

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर मिली धनराशि में गड़बड़ी करते हैं, उन्हें कानून और न्याय के साथ-साथ अपने कर्मों का भी परिणाम भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों को उनके कर्मों का दंड अवश्य मिलेगा। यह श्रद्धा की चोरी है और ऐसा करने वालों को भगवान महादंड देंगे।”

उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने से पहले सभी तथ्यों का सामने आना जरूरी है, ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का मामला

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। मंदिर निर्माण और उसकी सेवा के लिए देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा से दान दिया है। इसलिए यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे लोगों का विश्वास बना रहे।

देशभर में जारी है प्रतिक्रिया का दौर

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक जगत से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विभिन्न संतों, धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इसी क्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या गड़बड़ी साबित होती है तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

एसआईटी जांच पर टिकी निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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