लखनऊ, 31 मई 2026। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग का प्रदेशव्यापी प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है। विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर अप्रैल 2026 से प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 7,339 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अभियान के दौरान विभिन्न जनपदों में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की व्यापक जांच की गई। जांच में अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ खनिजों का परिवहन करते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में संलिप्त पाए गए वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत अब तक कुल 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है। इनमें से 28 करोड़ 31 लाख रुपये की धनराशि संबंधित पक्षों से वसूल भी की जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा के दौरान सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध अंतरराज्यीय परिवहन पास के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग की अनुमति न दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि खनन क्षेत्रों के स्रोत स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
माला श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार उपखनिजों के अवैध खनन और अवैध परिवहन के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए ऐसे प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
विभाग का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी, जिससे सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ खनिज संसाधनों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
