वॉशिंगटन/तेहरान, 31 मई 2026। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ओमान की खाड़ी में ईरान की ओर बढ़ रहे एक मालवाहक जहाज को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, गाम्बिया के झंडे वाला मालवाहक जहाज एम/वी लियान स्टार एक ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसे रोकने के लिए कई बार चेतावनी दी गई थी।
सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी बलों ने जहाज को 20 से अधिक चेतावनियां जारी कीं, लेकिन चालक दल ने निर्देशों का पालन नहीं किया। इसके बाद एक अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के इंजन कक्ष को निशाना बनाते हुए हेलफायर मिसाइल दागी, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि जहाज अब ईरान की ओर नहीं जा रहा है।
अमेरिका ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में लागू समुद्री नाकेबंदी का हिस्सा बताया है। सेंटकॉम के अनुसार, ईरान की ओर जाने वाले पांच व्यावसायिक जहाजों को अब तक रोका या निष्क्रिय किया जा चुका है, जबकि 116 अन्य जहाजों का मार्ग बदलवाया गया है ताकि नाकेबंदी को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। यह अभियान अप्रैल में शुरू किया गया था।
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री मार्गों पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की है। इसी के जवाब में अमेरिकी सैन्य और नौसैनिक गतिविधियां तेज की गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस गुजरता है।
हालांकि क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, फिर भी अप्रैल से लागू संघर्षविराम अभी तक कायम है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस संघर्षविराम को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नई वार्ता शुरू की जा सके।
समुद्री मार्गों में बाधा आने से तेल, तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर वैश्विक बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर भी देखा जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान की निर्यात क्षमता और आर्थिक संसाधनों पर दबाव बनाना है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि उसके नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने संकेत दिया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस बीच, कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर स्थायी शुल्क लगाने के विचार का विरोध किया है। कतर का कहना है कि ऐसे शुल्क से वैश्विक उपभोक्ताओं और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। हालांकि समुद्री सुरक्षा और बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे सीमित उद्देश्यों के लिए अस्थायी व्यवस्था पर बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, समुद्री नाकेबंदी और अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव ने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या स्थिति एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ती है।
