नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में ,170 अधिकारियों-कर्मचारियों को मिली मनचाही तैनाती

लखनऊ, 29 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शुक्रवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में अनूठी ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया लागू की। स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मेरिट तथा वरिष्ठता के आधार पर उनकी पसंद के अनुसार तैनाती दी गई।

पूरी प्रक्रिया मंत्री, राज्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में कुल 170 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए गए।

170 अधिकारियों और कर्मचारियों का हुआ तबादला

विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जल निगम ग्रामीण विभाग के 131, लघु सिंचाई विभाग के 28 तथा भूगर्भ जल विभाग के 11 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया।

इन तबादलों में 2 मुख्य अभियंता, 15 अधीक्षण अभियंता, 35 अधिशासी अभियंता, 40 सहायक अभियंता और 78 जूनियर इंजीनियर शामिल रहे।

आठ स्क्रीन पर दिखाई गई रिक्त पदों की सूची

तबादला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए विभागीय हॉल में आठ बड़ी स्क्रीन लगाई गई थीं। इन स्क्रीन पर संबंधित पदों के लिए रिक्त जिलों और उपलब्ध तैनाती स्थानों की सूची प्रदर्शित की गई।

सबसे वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों से क्रमवार उनकी प्राथमिकता पूछी गई और उनकी पसंद के जिले को तत्काल डिजिटल प्रणाली के माध्यम से लॉक कर दिया गया। कंप्यूटर का बटन दबते ही कुछ सेकंड के भीतर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के मोबाइल फोन पर ट्रांसफर लेटर पहुंच गया।

ऑनलाइन माध्यम से भी जोड़े गए कर्मचारी

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जो कर्मचारी या अधिकारी किसी कारणवश कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके थे, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया से जोड़ा गया। इससे वे भी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी प्राथमिकता रख सके।

वरिष्ठता और कार्य गुणवत्ता को बनाया गया आधार

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में वरिष्ठता क्रम और कार्य की गुणवत्ता को प्रमुख मानक बनाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों का मूल्यांकन केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडेक्स) के आधार पर किया गया, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप की संभावना नहीं रखी गई, जिससे भ्रष्टाचार और पक्षपात की आशंका समाप्त हो गई।

“जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हो रहा काम”

अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नेतृत्व में विभाग भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पारदर्शी और तकनीक आधारित तबादला प्रक्रिया सरकार की सुशासन नीति का हिस्सा है और भविष्य में भी इसी प्रकार की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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