लखनऊ, 11 मई 2026। महिलाओं में लगातार थकान, कमजोरी और सिरदर्द जैसी समस्याएं अब एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बनती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया का संकेत हो सकते हैं। समय पर पहचान और सही इलाज से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार एनीमिया ऐसी स्थिति है, जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तब पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता और व्यक्ति को लगातार कमजोरी महसूस होने लगती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं में एनीमिया का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। हर महीने होने वाले पीरियड्स, गर्भावस्था, पोषण की कमी और अनियमित खानपान इसके प्रमुख कारण हैं। जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग होती है, उनमें आयरन की कमी तेजी से बढ़ सकती है। वहीं गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के लिए अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। ऐसे में पर्याप्त आयरन ना मिलने पर एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि एनीमिया के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, इसलिए महिलाएं इन्हें सामान्य थकान मानकर अनदेखा कर देती हैं। लगातार थकान महसूस होना, आराम के बाद भी कमजोरी बने रहना, त्वचा और होंठों का पीला पड़ना, सिरदर्द, चक्कर आना और थोड़ी मेहनत में सांस फूलना इसके सामान्य संकेत हैं। इसके अलावा बाल झड़ना, नाखून कमजोर होना और हाथ-पैर ठंडे रहना भी आयरन की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ महिलाओं में मिट्टी, बर्फ या चॉक जैसी चीजें खाने की इच्छा भी होने लगती है, जो गंभीर आयरन की कमी का संकेत माना जाता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान से एनीमिया से बचाव संभव है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, राजमा, गुड़, खजूर, किशमिश और अनार जैसे खाद्य पदार्थ शरीर में आयरन बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही नींबू, संतरा, आंवला और अमरूद जैसे विटामिन-सी युक्त फल आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं।
डॉक्टर भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे शरीर में आयरन सही तरीके से अवशोषित नहीं हो पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर महिलाएं एनीमिया जैसी समस्या से खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।
