फरिश्ता बनकर आए, खुद बन गए शिकार: अंबेडकरनगर हादसे में 8 की मौत, दो सगे भाई भी शामिल

लखनऊ, 04 मई 2026 (यूएनएस)। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले से सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। जलालपुर थाना क्षेत्र के अशरफपुर भुवा भट्ठे के पास रविवार आधी रात हुए भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि मरने वालों में कई ऐसे लोग थे, जो सड़क पर घायल पड़े अजनबियों की मदद करने के लिए रुके थे।

इस दुखद घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

घटना रविवार रात करीब 12 बजे की है। जलालपुर क्षेत्र में अकबरपुर-जलालपुर मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर सहायता के लिए दौड़ पड़े।

इन्हीं में सम्मनपुर क्षेत्र के जैनापुर निवासी दो सगे भाई—आदित्य (25) और दिव्यांशु उर्फ छोटू (14) भी शामिल थे। दोनों एक विवाह समारोह से लौट रहे थे और घायलों को तड़पता देख अपनी मोटरसाइकिल रोककर मदद में जुट गए। वे एम्बुलेंस को फोन कर रहे थे और घायलों को संभालने का प्रयास कर रहे थे।

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। तभी तेज गति से आ रही एक स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर वहां पहुंची और सड़क पर खड़े लोगों व घायलों को कुचलते हुए खाई में जा गिरी। जो लोग दूसरों की जान बचाने आए थे, वही खुद हादसे का शिकार बन गए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने 6 लोगों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य घायलों को गंभीर अवस्था में टांडा चिकित्सा महाविद्यालय भेजा गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई। इस प्रकार हादसे में कुल 8 लोगों की जान चली गई।

मृतकों में आदित्य और दिव्यांशु के अलावा उत्तम कुमार (24) निवासी सेमरा, कटका, लालचंद्र (24) निवासी पट्टी मुइथन, जलालपुर, कैफी (32) निवासी लोरपुर ताजन सैदापुर तथा राजू गुप्ता (32) निवासी सिकंदरपुर सम्मनपुर शामिल हैं। दो अन्य शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. जयवीर सिंह ने बताया कि सभी शवों को शव परीक्षण के लिए भेज दिया गया है और वाहन चालक सहित पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे ने आठ परिवारों के चिराग बुझा दिए। जैनापुर गांव में शोक का माहौल है—घर का चूल्हा तक नहीं जला। बताया जा रहा है कि आदित्य और दिव्यांशु को उनके पिता ने विवाह में जाने से मना किया था, लेकिन वे नहीं माने। लौटते समय उन्होंने मानवता का परिचय दिया, पर वही उनकी जिंदगी का आखिरी निर्णय साबित हुआ।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी सी असावधानी भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

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