लखनऊ, 26 अप्रैल 2026 (यूएनएस)। मलिहाबाद क्षेत्र में ‘मल्हिया पासी स्मृति द्वार’ हटाए जाने के विरोध में रविवार को सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने लखनऊ-हरदोई हाईवे पर एकत्र होकर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रदर्शन में शामिल लोग हाथों में विभिन्न झंडे लेकर ‘द्वार दोबारा लगाओ’ की मांग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इनमें सुहेलदेव आर्मी और लाखन पासी से जुड़े संगठन के कार्यकर्ता भी शामिल थे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, जाम खुलवाया
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और शांति बनाए रखने की अपील की। काफी मशक्कत के बाद लोगों को वापस भेजा गया और हाईवे पर यातायात बहाल कराया गया।
धरना स्थल पर जारी है विरोध
इस बीच, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर और उनकी पत्नी, क्षेत्रीय विधायक जयदेवी कौशल 25 अप्रैल से स्मृति द्वार स्थल के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। धरना स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कई थानों की पुलिस तैनात है।

22 अप्रैल को हटाया गया था द्वार
जानकारी के अनुसार, यह स्मृति द्वार विधायक निधि से बनवाया गया था, जिसे 22 अप्रैल की रात कथित तौर पर ठेकेदार द्वारा काटकर हटा दिया गया। घटना के बाद उसी दिन पासी समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रशासन ने उस समय दो दिन के भीतर समाधान का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी द्वार की पुनर्स्थापना नहीं हो सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।
प्रदर्शन तेज होने के संकेत
स्थानीय लोगों और संगठनों का कहना है कि जब तक स्मृति द्वार को दोबारा स्थापित नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
