यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, महिला आरक्षण पर होगी चर्चा

लखनऊ, 21 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विशेष सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया है। यह सत्र मुख्य रूप से महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रित रहेगा। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बाई-सर्कुलेशन प्रक्रिया के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। साथ ही, महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के रवैये को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की भी संभावना जताई जा रही है।

उत्तर प्रदेश में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने 30 अप्रैल को विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। कैबिनेट ने बाई-सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पारित करना और विपक्षी दलों के रुख पर सवाल उठाना है। साथ ही, विपक्ष के व्यवहार को लेकर निंदा प्रस्ताव लाने की भी चर्चा है। सरकार इस मंच के जरिए यह संदेश देना चाहती है कि वह महिला सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष की भूमिका की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सदन में हुए घटनाक्रम की तुलना महाभारत के “द्रौपदी चीरहरण” प्रसंग से करते हुए विपक्ष के आचरण को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ आचरण करने का आरोप लगाया।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि महिला आरक्षण में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग (पीडीए) की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान होना चाहिए। साथ ही परिसीमन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा सकते हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, 30 अप्रैल को होने वाला यह विशेष सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। यह सत्र न केवल महिला आरक्षण के मुद्दे पर बल्कि प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

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