लखनऊ, 21 अप्रैल 2026। केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी मानसिकता हमेशा महिला विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने देश की महिलाओं के अधिकारों और सम्मान को लगातार कमजोर करने का काम किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को विधायी संस्थाओं में उचित भागीदारी देने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल करने की कोशिश की। उन्होंने इसे “नारी शक्ति को कमजोर करने की साजिश” करार दिया।
मौर्य ने बताया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर प्रदेश सरकार “नारी शक्ति वंदना अभियान” के तहत 22 अप्रैल को एक विशाल “जन आक्रोश रैली” का आयोजन करने जा रही है। उनके अनुसार, यह रैली उन ताकतों को जवाब देगी, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का प्रयास किया।
सपा के “पीडीए” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा कि जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाओं और महिला आरक्षण कानून के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों के कारण महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे दल अब हाशिए पर जा रहे हैं।
मौर्य ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित जन आक्रोश रैली ऐतिहासिक साबित होगी और नारी शक्ति के सम्मान व स्वाभिमान की नई इबारत लिखेगी।
