नयी दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए नहीं, बल्कि देश के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है।
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026 का वास्तविक उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं है। उन्होंने कहा कि “यह भारत की महिलाओं के पीछे छिपकर चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है, जो एक शर्मनाक कृत्य है।”
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वर्ष 2023 में पारित विधेयक ही वास्तविक महिला आरक्षण कानून था, जबकि वर्तमान प्रस्ताव उससे अलग दिशा में जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जाति आधारित जनगणना को दबाने का प्रयास कर रही है और ओबीसी वर्ग के अधिकारों को सीमित करने की मंशा रखती है।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करेगा। उनका कहना था कि सरकार का एजेंडा ओबीसी समुदाय को उनके अधिकारों से वंचित करना है, जिसे विपक्ष किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा।
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और इस मुद्दे को पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के साथ लागू किया जाना चाहिए।
