ईरानी पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर केंद्र सरकार की ‘चुप्पी’ गलत: सचिन पायलट

जयपुर, 5 मार्च । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ईरानी पोत पर किए गए हमले को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

सचिन पायलट ने बृहस्पतिवार को जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “अमेरिका ने आक्रमण कर हमारे तटीय इलाके के पास एक पोत को मार गिराया है। मेरा मानना है कि इस पर हमारी सरकार और देश को कोई स्पष्ट ‘स्टैंड’ लेना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित और सिद्धांत आधारित रही है, इसलिए इस तरह के मामलों में देश को अपनी स्पष्ट राय रखनी चाहिए। पायलट ने कहा, “मुझे लगता है कि यह जो चुप्पी है, वह गलत है। भारत ने हमेशा सही को सही और गलत को गलत कहा है।”

उन्होंने कहा कि भारत के इजराइल और फलस्तीन दोनों के साथ ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और भारत ने हमेशा ‘टू नेशन थ्योरी’ के आधार पर समाधान की बात की है। पायलट ने कहा कि चाहे ईरान हो, अफगानिस्तान हो, यूरोप हो या रूस, भारत के इन सभी देशों के साथ लंबे समय से द्विपक्षीय संबंध रहे हैं और भारत को अपनी पारंपरिक संतुलित कूटनीति से पीछे नहीं हटना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने ईरानी नौसैनिक पोत ‘आईरिस देना’ के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस जहाज को भारत के इतने करीब ध्वस्त किया गया, वह हाल ही में भारत में आयोजित एक सैन्य अभ्यास में शामिल होने आया था। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में भारत को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि क्या सही है और क्या गलत।

पायलट ने कहा कि विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार की लगातार चुप्पी को पूरी दुनिया देख रही है और यह देश के हित में नहीं है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर भी सवाल उठाए। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार एकतरफा शर्तों को स्वीकार कर रही है और किसी न किसी दबाव में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत पर ‘शून्य शुल्क दर’ जैसी शर्तें थोपी जा रही हैं, जिससे अमेरिकी सामान भारतीय बाजार में आसानी से आ सकेगा।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना भी केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *