कोलकाता, 2 मार्च (RNN)। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को भारत की सफेद गेंद की टीमों में नियमित रूप से शामिल किए जाने का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने टी20 विश्व कप से पहले सैमसन की आलोचना पर हैरानी जताते हुए कहा कि इस आक्रामक बल्लेबाज ने बड़े मंच पर अपने कौशल और मानसिक मजबूती का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘वर्चुअल क्वार्टरफाइनल’ माने जा रहे मुकाबले में सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को 196 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचाया। गांगुली ने इस पारी को “शानदार” करार देते हुए कहा कि दबाव की परिस्थितियों में खेल को नियंत्रित करने की उनकी क्षमता ही उन्हें खास बनाती है। उन्होंने कहा, “वह बहुत अच्छा खिलाड़ी है और सफेद गेंद के क्रिकेट में भारत के लिए लगातार खेलना चाहिए, शत-प्रतिशत।”
मैच के दौरान भारत के शीर्ष बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या जल्दी आउट हो गए थे, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में सैमसन ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखते हुए पारी को अंत तक संभाला। गांगुली ने कहा कि सैमसन ने परिस्थिति के अनुरूप खेल दिखाया और बिना अनावश्यक जोखिम उठाए टीम को जीत दिलाई, जो किसी भी बड़े खिलाड़ी की पहचान होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में टीम में नियमित जगह नहीं बना पाने के बावजूद सैमसन ने अपने खेल से जवाब दिया है। गांगुली के अनुसार, “विश्व कप से पहले अक्सर उनके चयन पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन ऐसे अहम मुकाबले में 97 रन की नाबाद पारी यह साबित करती है कि उनमें बड़े मैच जिताने की क्षमता है।”
आगे की चुनौती पर बात करते हुए गांगुली ने कहा कि सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज से अधिक मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित होगी। उनके मुताबिक भारत को वही लय और आत्मविश्वास बनाए रखना होगा, जिसने इस महत्वपूर्ण मुकाबले में जीत दिलाई।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ निराशाजनक श्रृंखला के बाद सैमसन का शीर्ष क्रम में फॉर्म में लौटना भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। टी20 विश्व कप से पहले यह प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए चयन संबंधी फैसलों को लेकर स्पष्ट संदेश देता है कि निरंतरता और विश्वास से ही खिलाड़ी अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता दिखा सकते हैं।
