हैदराबाद, 1 मार्च: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों की निंदा करते हुए भारत सरकार से पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति के हित में युद्ध तत्काल रोका जाना चाहिए।
पत्रकारों से बातचीत में ओवैसी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को “अनैतिक और गैर-कानूनी कृत्य” करार दिया और कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप कर तनाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ओवैसी ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष व्यापक रूप लेता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से भारत पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और तेल की कीमतों में मामूली वृद्धि भी भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय उड्डयन भी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण कई भारतीय नागरिक विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की।
ओवैसी ने कहा कि ईरान जैसे बड़े और प्रभावशाली देश पर सैन्य दबाव बनाकर राजनीतिक परिवर्तन लाना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि संघर्ष का समाधान केवल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकाला जा सकता है।
उन्होंने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि युद्ध से केवल अस्थिरता, आर्थिक संकट और मानवीय पीड़ा बढ़ेगी।
