जर्मनी में निवेश वार्ता: उत्तर प्रदेश को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और ड्रोन हब बनाने की दिशा में बड़ी पहल

लखनऊ, 25 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने के लक्ष्य के तहत जर्मनी दौरे पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने उच्च-स्तरीय निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें कीं। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कर रहे हैं, जबकि उनके साथ सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्री सुनील कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरे को राज्य सरकार की औद्योगिक प्रगति और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश आकर्षित करने की नीति के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी में अग्रणी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ रक्षा, दूरसंचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर विस्तृत चर्चा की।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्नत सेंसर तकनीक, स्वायत्त प्लेटफॉर्म और स्मार्ट अवसंरचना से जुड़ी संभावनाओं पर केंद्रित बैठकों में भाग लिया। चर्चा का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में प्रोटोटाइपिंग और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना, ऑटोमोटिव एवं इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए स्मार्ट सेंसर निर्माण तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग पर रहा। कंपनियों ने राज्य में अनुसंधान आधारित विनिर्माण मॉडल विकसित करने में रुचि दिखाई, जिससे प्रदेश को उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं।

इसके अतिरिक्त ड्रोन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई। प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी की अग्रणी ड्रोन निर्माण कंपनी के साथ तकनीक हस्तांतरण, निवेश मॉडल और उत्तर प्रदेश में उन्नत ड्रोन अनुसंधान एवं विनिर्माण केंद्र स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में रक्षा और नागरिक उपयोग के लिए अत्याधुनिक ड्रोन प्रणाली के विकास, राज्य के डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक सहयोग तथा कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह सहयोग मूर्त रूप लेता है तो राज्य रक्षा उत्पादन और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बन सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने दूरसंचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कंपनियों के साथ भी महत्वपूर्ण वार्ताएं कीं। इन बैठकों में सुरक्षित संचार नेटवर्क, स्मार्ट शहरी ढांचा, आधुनिक सेंसर तकनीक, एवियोनिक्स प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म से जुड़े निवेश अवसरों पर विचार किया गया। कंपनियों ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीतियों, मजबूत अवसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण की सराहना करते हुए दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक रुख व्यक्त किया।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, विकसित डिफेंस कॉरिडोर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, त्वरित अनुमोदन और निवेशकों को हर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जर्मनी में हुई ये बैठकें उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में एक दूरगामी कदम साबित होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश और तकनीकी साझेदारियां धरातल पर उतरती हैं, तो राज्य में रोजगार सृजन, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को न केवल देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाना है, बल्कि वैश्विक स्तर पर उन्नत विनिर्माण और ड्रोन प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण हब स्थापित करना भी है। जर्मनी दौरे से प्राप्त सकारात्मक संकेतों को इस दिशा में मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है।

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