लखनऊ/सिंगापुर, 24 फरवरी (RNN)। योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश को लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 60 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पहले ही संपन्न हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निवेश राज्य को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य सरकार के अनुसार, सिंगापुर में आयोजित बैठकों में वैश्विक निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास और डिजिटल शासन से जुड़े क्षेत्रों में गहरी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नीतियों और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप कम समय में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से भी वार्ता की। इस दौरान उप प्रधानमंत्री एवं व्यापार-उद्योग मंत्री गान किम योंग और गृह मंत्री के. शणमुगम के साथ हुई बैठकों में शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा आधुनिकीकरण और डिजिटल गवर्नेंस में सहयोग पर चर्चा हुई। राज्य के ‘लैंड बैंक’ और बेहतर कनेक्टिविटी, विशेषकर जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, को निवेश आकर्षण का प्रमुख आधार बताया गया।
विमानन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अग्रणी सेवा कंपनी AISATS के साथ समझौता हुआ है। इसके तहत नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में 4,458 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक कार्गो परिसर और विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचन स्थापित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने सिंगापुर कोऑपरेशन एंटरप्राइज के साथ भी रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के तहत नीति ढांचे को सुदृढ़ बनाने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, कौशल विकास, लॉजिस्टिक्स सुधार और डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। दोनों पक्ष अध्ययन यात्राएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी परामर्श के माध्यम से संस्थागत क्षमता निर्माण पर भी काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर और जापान की यात्रा का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और उभरते औद्योगिक क्लस्टर राज्य को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
