नई दिल्ली, 24 फरवरी (Agency)। राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के गिरफ्तार सदस्यों के खिलाफ दंगा करने सहित कई गंभीर धाराएं जोड़ी हैं। पुलिस ने संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब को इस प्रदर्शन का “मुख्य साजिशकर्ता” बताते हुए गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में चिब समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने कमीज उतारकर नारेबाजी की और सुरक्षा घेरे को भंग करने की कोशिश की। गिरफ्तारी मेमो में चिब को गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और कथित रूप से “दंगे जैसी स्थिति” पैदा करने का मास्टरमाइंड बताया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मीडिया प्रकोष्ठ) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रदर्शन पूर्वनियोजित प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को काबू में करते समय चोटें भी आईं। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1) (दंगा) और 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) जोड़ी गई हैं। इसके अतिरिक्त 196 (समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाना) और 197 (राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक बयान) जैसी धाराएं भी शामिल की गई हैं, जिनमें तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। इससे पहले आपराधिक साजिश, गैरकानूनी सभा, लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने और सरकारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित धाराएं पहले ही जोड़ी जा चुकी थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से क्यूआर कोड प्राप्त किया था। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। मामले की व्यापकता को देखते हुए जांच अपराध शाखा के अंतर-राज्यीय प्रकोष्ठ को सौंप दी गई है और विभिन्न राज्यों में छापेमारी की जा रही है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने वाला कदम बताया है, जबकि युवा कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर किया गया शांतिपूर्ण विरोध बताया है। संगठन का कहना है कि प्रदर्शन सरकार की नीतियों, विशेष रूप से भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और साजिश से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
