वन ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की दिशा में प्राविधिक शिक्षा विभाग की समीक्षा, गुणवत्ता शिक्षा व रोजगार पर जोर

लखनऊ, 24 फरवरी 2026। आशीष पटेल ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्य भवन स्थित कार्यालय-कक्ष संख्या-87 में आयोजित बैठक में उन्होंने योजनाओं को ठोस आधार पर तैयार करने, गुणवत्ता शिक्षा को सुदृढ़ करने और युवाओं के रोजगार अवसर बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

बैठक में मंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वास्तविक एवं तथ्यात्मक मांगें तीन दिन के भीतर संबंधित अनुभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि निवेश योजनाएं प्रभावी ढंग से तैयार की जा सकें। उन्होंने परीक्षा कैलेंडर को समयबद्ध रखने पर जोर देते हुए बताया कि मई के दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं प्रारंभ कर 20 जून तक परिणाम घोषित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निवेश का प्रत्यक्ष प्रभाव गुणवत्ता और रोजगार दोनों पर दिखाई देना चाहिए।

समीक्षा के दौरान संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधारने पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि एनआईआरएफ, एनबीए और नैक रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने घोषणा की कि जो संस्थान एनआईआरएफ में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगा, उसे नियमित बजट के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। संस्थानों को स्व-मूल्यांकन, शोध, नवाचार, प्लेसमेंट और प्रशासनिक दक्षता पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी एक माह के भीतर सभी कॉलेजों के साथ क्रमवार बैठकें आयोजित कर प्रगति की मासिक समीक्षा करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।

रोजगार उन्मुख शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए केंद्रीकृत प्लेसमेंट पोर्टल की भी समीक्षा की गई, जिसे शीघ्र लॉन्च किया जाएगा। यह पोर्टल इंजीनियरिंग छात्रों को एकीकृत मंच पर रोजगार अवसर उपलब्ध कराएगा। उद्योग-संस्थान साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए निजी कंपनियों के साथ एमओयू, मेकर लैब, इनोवेशन सेंटर तथा एआई और मशीन लर्निंग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए, ताकि युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

गुणवत्ता सुधार के लिए ‘स्टेट क्वालिटी फ्रेमवर्क’ लागू करने पर भी सहमति बनी। इसके अंतर्गत संस्थानों के लिए नैक, एनआईआरएफ और एनबीए से जुड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। मार्च में आयोजित कार्यशालाओं के माध्यम से संस्थानों को गुणवत्ता मानकों, डेटा प्रबंधन और प्रदर्शन सुधार के उपायों की जानकारी दी जाएगी। मंत्री ने आउटरीच, समावेशिता और महिला भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और कौशल विकास को आर्थिक प्रगति का प्रमुख आधार मानते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुणवत्ता, नवाचार और उद्योग सहयोग के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को नई दिशा मिलेगी और उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य शीघ्र साकार होगा। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और आगामी रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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